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जो कह दिया वह शब्द थे || Sunday.. इतवार ..रविवार ||

  इतवार (Sunday)

जो कह दिया वह शब्द थे || Sunday.. इतवार ..रविवार ||
"परिंदों को मंज़िल मिलेगी यक़ीनन,
ये फैले हुए उनके पंख बोलते हैं,
वो लोग रहते हैं खामोश अक्सर,
जमाने में जिनके हुनर बोलते हैं..❤"

जो कह दिया वह शब्द थे

जो कह दिया वह शब्द थे ;
जो नहीं कह सके
वो अनुभूति थी..
और,
जो कहना है मगर ;
कह नहीं सकते,
वो मर्यादा है..

जिंदगी का क्या है ?
आ कर नहाया,
और,
नहाकर चल दिए..

बात पर गौर करना
पत्तों सी होती है
कई रिश्तों की उम्र,
आज हरे,
कल सूखे..

क्यों न हम,
जड़ों से;
रिश्ते निभाना सीखें 

रिश्तों को निभाने के लिए,
कभी अंधा,
कभी गूँगा,
और कभी बहरा,
होना ही पड़ता है 

बरसात गिरी
और कानों में इतना कह गई कि
'गर्मी' हमेशा किसी की भी नहीं रहती..

'नसीहत'
नर्म लहजे में ही
अच्छी लगती है..
क्योंकि,

'दस्तक' का मकसद,
दरवाजा खुलवाना होता है;
तोड़ना नहीं..

'घमंड'
किसी का भी नहीं रहा,
टूटने से पहले ,
गुल्लक को भी लगता है कि
सारे पैसे उसी के हैं..

जिस बात पर ,
कोई मुस्कुरा दे,
बात 
बस वही खूबसूरत है..

थमती नहीं,
जिंदगी कभी,
किसी के बिना..
मगर,
यह गुजरती भी नहीं,
अपनों के बिना 
जो कह दिया वह शब्द थे || Sunday.. इतवार ..रविवार ||
"समय बहुत ही कीमती है इसलिए
इसे अपने काम करने में लगाएं ना की
नेगेटिव लोगों की बातों को सुनने में..❤"

50 comments:

  1. Very beautiful pic👌💖
    Nice lines 👏👏 & happy Sunday 💐💐

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  2. So Cute picture with thousand Million Dollar Smile 😊😊😊

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  3. बहुत ही शानदार पंक्तिया 👌👌

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  4. खूबसूरत कविता और खूबसूरत बातें।शुभ रविवार।

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  5. आपका यह कथन समस्त लोगों को एक नैतिक शिक्षा देती हैं।
    💯👌🏼👍👏🙋‍♂️🌹

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  6. तपिश वाले इतवार में ठंडी फुहार सी आज की कविता।
    शुभ रविवार।

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  7. हमें मालूम है जिंदगी कैसे जीना
    क्या करना है चौड़ा करके सीना
    इम्तिहान सबका लेती है जिंदगी
    आखिर घुट-घुट कर क्या जीना
    बस यूँ अपनों का साथ निभाना
    अपनों के साथ ये सपने सजाना
    अपने तो बस अपने ही होते हैं
    अपनों को ना समझना बेगाना
    अपने हैं साथ तो सपने हैं साथ
    अपनों के साथ ही बने हर बात
    अपनों के साथ ही बने हर बात
    अपनों का कभी दिल ना तोड़ना
    हाथ में उनके ही रहे अपना हाथ
    मुश्किल घड़ी में साथ देते अपने
    अपनों से ही पूरे होते सब सपने
    ठोकर लगती जब हमें जिंदगी में
    हाथ थामने आते तो बस अपने
    राज उनसे कोई भी छुपाना नहीं
    अपनों के दिल को दुखाना नहीं
    🙏नरेश"राजन"हिन्दुस्तानी🙏

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    1. बहुत खूब नरेश जी 👌👌👌

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    2. अपने तो अपने ही होते हैं.. 👌👌

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  8. कहने को तो बहुत कुछ पर
    समझने वाले समझ जाते हैं
    जिंदगी के वो मुश्किल लम्हें
    यूं ही हंसकर गुजर जाते हैं
    जरूरी नहीं कि ये लब खुले
    तो ही किसी से हर बात हो
    इन आंखों के इशारे भी तो
    अनजाने कुछ कह जाते हैं
    कुछ दिल की बात कहने में
    हिचकिचाते ही रह जाते हैं
    कुछ तो चंद लफ्ज़ों में ही
    दिल की बात कह जाते हैं
    खामोश-सा ही रहना हरदम
    किसी की खासियत होती है
    लफ्जों में तालमेल बिठाना
    किसी की वसीयत होती है
    ये लफ्ज ही तो हर दिल में
    प्यार की उम्मीद जगाते हैं
    ये लफ्ज़ ही तो किसी की
    खुशियों में आग लगाते हैं
    🙏नरेश"राजन"हिन्दुस्तानी🙏

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    1. खामोशी किसे पसंद है
      हर कोई दिल की बात
      कहना चाहता
      लफ्जों का क्या है
      जहां प्यार है
      वहां उम्मीद जागते
      और जब उम्मीद टूटती
      तो लफ्ज खामोश हो जाते हैं ..

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  9. Happy Sunday nice pic

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  10. अपनी बात को कहना हर व्यक्ति का अपना अधिकार है, अपनी बात न कह पाना मरियादा नही उस दुसरे व्यक्ति का प्रभाव है।

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    1. दूसरे व्यक्ति का प्रभाव भी तभी है, जब मर्यादा है।

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  11. इंतजार का भी अपना मजा है
    इंतजार तो एक मीठी सजा है
    इंतजार की इस मधुरता में तो
    तेरी और मेरी दोनों की रजा है
    मिलन की घड़ी करीब आती है
    बेताबी दिल की बढ़ती जाती है
    होशो-हवास में नहीं रहता दिल
    चाहत की रंगत चढ़ती जाती है
    इंतजार की भी एक हद होती है
    जब यह मोहब्बत बेहद होती है
    🙏नरेश"राजन"हिन्दुस्तानी🙏

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    1. इंतजार की क्या बात कहिए
      कभी तो ये कुछ घंटों की
      तो कभी कुछ महीनों की होती है
      और जब यह इंतजार
      हर हद पार कर
      ताउम्र की हो जाए
      तो यह इंतजार
      सिर्फ एक कड़वी सजा है..

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  12. मिलना बिछड़ना और
    बिछड़कर फिर मिलना
    कहाँ ये हर किसी की
    इस किस्मत में होता है
    मिलने पर खुशी होती
    बिछड़ने से गम होता है
    गम ना कर मेरे दोस्त
    जिंदगी का फलसफा है
    किसी के नसीब में जुदाई
    किसी के नसीब में वफा है
    किसी की खुली हुई किस्मत
    तो किसी की किस्मत बेवफा है
    🙏नरेश"राजन"हिन्दुस्तानी🙏

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  13. उनसे मिलना तो रब की इनायत है
    उनका बिछड़ना तो जैसे कयामत है
    मिलना बिछड़ना जिंदगी के सफर में
    कैसा अनोखा रिवाज और रवायत है
    किसी से मिले तो खुशी के फूल खिले
    कोई बिछड़े तो जैसे कि ये दिल जले
    मिलना-बिछड़ना किस्मत के हाथ में
    किसी शख्स का कैसे इसपे बस चले
    🙏नरेश"राजन"हिन्दुस्तानी🙏

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  14. मिलना बिछड़ना दुनिया में चलता है
    किसी से मिलने को दिल मचलता है
    किसी के बिछड़ने से दिल जलता है
    भुलाकर पुरानी यादों को यह जीवन
    फिर उसी राह पर चल निकलता है
    मिलन की घड़ी जीवन का गीत है
    बिछड़ना इस जिंदगी की रीत है
    सुख-दुख है जीवन के दो पहलू
    कभी मिले हार तो कभी जीत है
    🙏नरेश"राजन"हिन्दुस्तानी🙏

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  15. अटूट बंधन भी टूट जाता है
    बहुत कुछ पीछे छूट जाता है
    इस भाग-दौड़ भरी जिंदगी में
    कभी कोई अपना रूठ जाता है
    दिन-भर की दौड़-भाग धूप से
    परेशान इंसान जब घर आता है
    घर पर आकर ही हरेक इंसान
    थोड़ा चैन और सुकून पाता है
    ऐसे में परिवार की छोटी-छोटी
    बातों से उसका जी घबराता है
    तनाव और थकान पर तनाव
    मिले तो तनावग्रस्त हो जाता है
    ऐसी स्थिति और परिस्थिति में
    मनमुटाव और बढ़ता जाता है
    बढ़ती नाराजगी से हर रिश्ता
    और कमजोर पड़ता जाता है
    कोई भी रिश्ता कभी ना टूटे
    थोड़ा तरीका बदलना होगा
    किस तरह रिश्ता मजबूत हो
    उस राह पर ही चलना होगा
    🙏नरेश"राजन"हिन्दुस्तानी🙏

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  16. कोई हसीन हादसा
    कभी मेरे साथ भी हो
    जमाना गुजर गया
    कोई ख्वाब देखे हुए
    मय ना मयखाना ना
    मंजिल का ठिकाना
    रहते नहीं आजकल
    इश्क में बहके हुए
    🙏नरेश"राजन"हिन्दुस्तानी🙏

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  17. ये इश्क क्या हुआ जैसे
    कि कोई हादसा हो गया
    वो दिल की रानी मैं जैसे
    कोई बादशाह हो गया
    खुश रहते हैं दिन-रात
    खुशी से फूले न समाते
    आवारा-पागल-दीवाना
    हम सब-कुछ कहलाते
    झूमते अपनी मस्ती में
    खुशी के ये तराने गाते
    खुद को खुदा समझते
    किसी पर ध्यान ना देते
    कोई भी भले की कहे
    बात पर कान नहीं देते
    इस कान से सुन लेते
    उस कान से निकालते
    अपने दिलबर को ही
    अपना तो सब मानते
    इस इश्क में क्या कुछ
    कर-गुजरने की ठानते
    कितना भी समझाओ
    कोई बात नहीं मानते
    नादान है सब छिछोरे
    अंजाम ये नहीं जानते
    दिल टूट जाता उनका
    जब कोई रूठ जाता है
    जरा जरा सी बात पर
    वो साथ छूट जाता है
    🙏नरेश"राजन"हिन्दुस्तानी🙏

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  18. बेपनाह इश्क की मैं क्या मिसाल दूं
    दिल चाहता अपना दिल निकाल दूं
    दिल चाहता नहीं अब इश्क करना
    कैसे अपने दिल की मैं बात टाल दूं
    बिना किसी खता मुझे धोखा दिया
    बेदर्द ने मुझे तो गजब चौंका दिया
    खफा हो गई मुझसे वो जाने क्यों
    बात करने का भी ना मौका दिया
    दिल चाहे-दिल को कैसे समझाऊं
    उसके सितम को मैं कैसे भुलाऊं
    उसकी यादें चैन से जीने नहीं देती
    उन यादों से मैं कैसे पीछा छुड़ाऊं
    जायज क्यों है इश्क में दगा देना
    सारी खुशियों में आग लगा देना
    अब यही दुआ है मेरी मेरे रब से
    दिल में ये मोहब्बत ना जगा देना
    🙏नरेश"राजन"हिन्दुस्तानी🙏

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  19. इस बेपनाह इश्क की यारों
    क्या सुनाऊँ मैं तुम्हें दास्तां
    इश्क के इस जुनून से तो
    हर किसी का नहीं वास्ता
    आजकल नहीं चढ़ता है
    ऐसा मोहब्बत का फितूर
    जरा-जरा सी बातों में अब
    आशिक बदल लेते रास्ता
    ये पिज्जा-बर्गर-चाऊमीन
    सैंडविच का करूँ नाश्ता
    ये मैगी कम पसंद है मुझे
    खाना चाहती हूं मैं पास्ता
    आजकल के मजनूं-रांझे
    अमीर ढूंढते हैं लैला-हीर
    सपने देखेंगे ऐश-मौज के
    चाहे खुद रहते हैं फकीर
    बड़ी-बड़ी बातों से लड़के
    तो लड़कियां पटा लेते हैं
    अंदाज़ हो सबसे निराला
    वो ऐसे बाल कटा लेते हैं
    लड़कियां भी कैसे-कैसे
    रुप के जलवे दिखाती है
    सोना बाबू स्वीटू न जाने
    क्या कहकर बुलाती है
    खा लेती है सब-कुछ पर
    उन्हें रोटियां नहीं भाती है
    तेरह तरहा की नई चीजें
    वो आए दिन मंगवाती है
    बाप की मेहनत की कमाई
    गजब कपड़ों में लुटाती है
    लड़के आजकल के कहां
    कभी भी शर्मिंदा होते हैं
    कदर न करते मां-बाप की
    जब तक वो जिंदा होते हैं
    गप्पे दिन-रात लड़ाते हैं
    नशे में वो दौलत उड़ाते हैं
    संघर्ष करना जानते नहीं
    बड़ी ही जल्दी टूट जाते हैं
    गलत लोगों की संगत में
    फिर वो खुद लूट जाते हैं
    संतान के लिए माँ-पिता
    क्या-क्या सपने सजाते हैं
    मां-बाप खुद उनके लिए
    तो जैसे बोझ बन जाते हैं
    आजकल लड़के-लड़की
    कुछ तो ऐसा काम करें
    अपने मां बाप का दामन
    क्यों ना खुशियों से भरे
    🙏नरेश"राजन"हिन्दुस्तानी🙏

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  20. बेपनाह इश्क ने कुछ
    ऐसा काम कर दिया
    सीधे-साधे शख्स को
    तो बदनाम कर दिया
    मंजिल के रास्तों पर
    बढ़ रहे थे जो कदम
    उन चुनी हुई राहों को
    ऐसे गुमनाम कर दिया
    बिना किसी रोजगार
    किस काम का प्यार
    नकारा-नालायक का
    उतर ही गया खुमार
    आए दिन होने लगी
    आपस में ये तकरार
    देर न की उसने फिर
    कर ही दिया इनकार
    🙏नरेश"राजन"हिन्दुस्तानी🙏

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  21. कोई बताए इस दर्दे-दिल की दवा क्या है
    उम्र के इस दौर में पर ये दौरे-जवां क्या है
    होश खो बैठता जब दिल बेकाबू होता है
    न जाने इस दौर में इश्क की हवा क्या है
    दिल धड़कनें लगता हमारा बड़े जोरों से
    दिल-ए-नादान बता तुझे ये हुआ क्या है
    खता तेरी है या मेरी है या खता उसकी है
    उसे पाने के सिवा और बस दुआ क्या है
    इस इश्क का रोग ये तो बड़ा दर्द देता है
    दर्द तो ये बेइंतहा हमारा हम दर्द देता है
    फिर भी उसका ही इंतजार है दिल को
    जो हमारे दिल को बेइंतहा दर्द देता है
    इस दिल-ए-नादान को समझाए कौन
    इश्क के रोग से आखिर बच पाए कौन
    🥰🙏नरेश राजन हिन्दुस्तानी🙏🥰

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  22. आपको मुझ को हम सब को
    अपनी-अपनी यादें अजीज है
    टूटकर कांच जैसे बिखर जाए
    फिर वो इंसान ही क्या चीज है
    बहुत अच्छी बात है यादों को
    अपने दिल में संजोकर रखना
    जिंदगी के खुशनुमा पलों को
    एक माला में पिरों कर रखना
    दुख में भी और सुख में भी
    उन सब यादों को याद करना
    जिसे दिल चाहता हो दिल से
    उस खुशी की फरियाद करना
    याद करके कभी भी किसी को
    अपनी आंखें भले नम करना
    हो सके उसे याद करके कभी
    अपने दिल से ना गम करना
    कोई बिछड़ जाता अपनों से
    तो बस यादें ही रह जाती है
    यादें तो दिल में बसी रहती है
    आंसूओं में कहां बह जाती है
    🙏नरेश"राजन"हिन्दुस्तानी🙏

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  23. खुशनुमा यादों का झरोखा
    कभी खुलना भी जरूरी है
    गम से भरी-गुजरी यादों को
    कभी भूलना भी जरूरी है
    खुशियों भरे पल जिंदगी में
    खुशी का नूर भरते रहते हैं
    गम से भरे पल जिंदगी में
    खुशी को दूर करते रहते हैं
    खुशी से जियो ये जिंदगी
    जिंदगी तो चार दिन की है
    माना याद आ ही जाती है
    जिंदगी में कमी जिनकी है
    इतना याद ना करो उन्हें
    खुशियों का पल उदास हो
    उनकी तो कमी खलने लगे
    आपका ये मन निराश हो
    गम के पलों को भी हमेशा
    खुशी-खुशी ही याद करो
    जिन्होंने ये जिंदगी दी उन्हें
    दिल से ही धन्यवाद करो
    🙏नरेश"राजन"हिन्दुस्तानी🙏

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  24. यादों के भंवर में जो
    कोई उलझा रहता है
    जिंदगी का हर पल
    अनसुलझा रहता है
    कल की चिंता छोड़
    उनमें उलझा रहता है
    रोशन हो जिंदगी पर
    बुझा-बुझा रहता है
    यादें जिंदगी में कहीं
    कोई मुश्किल ना करे
    खुशियों के पलों में
    कहीं उदासी ना भरे
    उन यादों को भुला
    नये सफर से गुजरे
    🙏नरेश"राजन"हिन्दुस्तानी🙏

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  25. माना यादें हमारी जिंदगी
    का है गुजरा हुआ हर पल
    तमाम यादें इस जिंदगी में
    पैदा करती रहती हलचल
    उन सब यादों में उलझकर
    भूलो मत आने वाला कल
    आने वाला कल लाता है
    जिंदगी में सुनहरा हर पल
    यादों को भले याद करना
    यादों में कभी खोना नहीं
    जिंदगी है ये अपनी कोई
    चलता एक खिलौना नहीं
    🙏नरेश"राजन"हिन्दुस्तानी🙏

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    1. क्या बात है सर...आप कैसे इतना लिख लेते हैं..👌👌

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  26. Bahut badhiya.. very nice lines 👌👍
    Beautiful pic 👌👌❣️

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  27. बहुत सुंदर पंक्तियां, शुभ रविवार

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  28. थोड़ी सी समस्या थी, तो कल की पोस्ट नहीं डाल पाए🙏

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  29. Happy Sunday nice pic

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  30. आपके बोलने लहज़ा बहुत अच्छा है

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