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श्री अरुणाचलेश्वर मंदिर, तमिल नाडु / Arunachalesvara Temple, Tamil Nadu

श्री अरुणाचलेश्वर मंदिर तमिलनाडु

अरुणाचलेश्वर अथवा अरुल्मिगु का मंदिर तमिलनाडु के पावन नगर तिरुवन्नामलई में स्थित है। शिव भक्तों के लिए यह अत्यंत महत्वपूर्ण मंदिर है। इसे विश्व के विशालतम शिव मंदिरों में से एक माना जाता है। अरुणाचल पर्वत की तलहटी पर स्थित इस मंदिर की भव्य संरचना तथा अद्भुत वास्तुकला किसी विशाल गढ़ से कम नहीं है।

श्री अरुणाचलेश्वर मंदिर, तमिल नाडु / Arunachalesvara Temple, Tamil Nadu

श्री अरुणाचलेश्वर मंदिर भगवान शिव के पंचभूत क्षेत्रों अथवा स्थलों में से एक है। जीवन के पंचभूत तत्व आकाश, वायु, अग्नि, जल तथा पृथ्वी हैं। ऐसी मान्यता है कि भगवान शिव स्वयं अग्नि तत्व के रूप में इस मंदिर में विराजमान हैं। जीवन के अन्य तत्वों से संबंधित मंदिर इस प्रकार हैं-

  • श्री अरुणाचलेश्वर मंदिर, तिरुवन्नमलई, तमिल नाडू – अग्नि लिंग
  • नटराज मंदिर चिदंबरम, तमिल नाडू – आकाश लिंग
  • कालाहस्ती मंदिर, कालाहस्ती, आन्ध्र प्रदेश – वायु लिंग
  • जम्बुकेश्वर मंदिर, तिरुवनैकवल, तमिल नाडू – अप्पु लिंग/जम्बु लिंग (जल)
  • एकंबरेश्वर मंदिर कांचीपुरम, तमिल नाडू – पृथ्वी लिंग
  • तिरुवन्नामलाई का श्री अरुणाचलेश्वर मंदिर -अग्नि लिंग

इस मंदिर का इतिहास लगभग सहस्त्र वर्ष प्राचीन है पुराणों में तथा थैवरम एवं थिरुवासागम जैसे तमिल साहित्यों में भी इस मंदिर का गुणगान किया गया है।

तिरुवन्नामलई की इस देवभूमि में 8 दिशाओं में 8 प्रसिद्ध लिंग है जिन्हें अष्टलिंग कहा जाता है। ये लिंग हैं- इंद्र लिंग, अग्नि लिंग, यम लिंग, निरुतिलिंग (नैऋत्य), वरुण लिंग, वायु लिंग, कुबेर लिंग तथा ईशान्य लिंग। यह आठों लिंग पृथ्वी के 8 दिशाओं के घोतक हैं ऐसी मान्यता है कि 8 शिवलिंग गिरिवलम अथवा गिरी परिक्रमा करे भक्तों को आशीर्वाद देते हैं।अरुणाचल पर्वत की परिक्रमा को गिरिवलम अथवा गिरी परिक्रमा कहा जाता है। अनेक भक्त गण यह परिक्रमा करते हैं।

श्री अरुणाचलेश्वर मंदिर, तमिल नाडु / Arunachalesvara Temple, Tamil Nadu

अरुणाचलेश्वर मंदिर की कथा

एक समय सृष्टि के रचयिता ब्रह्मा तथा सृष्टि के पालन करता विष्णु के मध्य उनकी श्रेष्ठता के विषय पर विवाद उत्पन्न हो गया। इस विवाद पर निष्कर्ष प्राप्त करने के लिए वे भगवान शिव के समक्ष उपस्थित हुए तथा उनसे निर्णय करने का निवेदन किए। भगवान शिव ने दोनों की परीक्षा लेने का निर्णय लिया। वे दोनों के मध्य एक विशाल अग्नि स्तंभ के रूप में प्रकट हो गए जिसके दोनों छोर दृष्टिगोचर नहीं हो रहे थे।उन्होंने ब्रह्मा एवं विष्णु से कहा कि जो उस अग्नि स्तंभ का छोड़ सर्वोत्तम खोज निकालेगा वह सर्वश्रेष्ठ होगा। विष्णु ने वराह का रूप लिया तथा स्तंभ का छोर ढूंढने के उद्देश्य से धरती के भीतर प्रवेश किया। धरती के भीतर दीर्घकाल तक जाने के पश्चात भी उन्हें उस अग्नि रुपी लिंग का छोर नहीं दिखा।

तब भगवान शिव के समक्ष उपस्थित होकर उन्होंने अपनी पराजय स्वीकार की।वही ब्रह्मा ने हंस का रूप धरा तथा स्तंभ के ऊपरी छोर तक पहुंचने के उद्देश्य से आकाश में ऊपर उड़ गए। दीर्घकाल तक ऊपर की ओर जाने के पश्चात भी उन्हें लिंग का ऊपरी छोर दृष्टिगोचर नहीं हुआ। वह थक कर चूर हो गए थे किंतु पराजय स्वीकार करने की मन:स्थिति में नहीं थे। तभी अनायास उन्होंने ऊपर से गिरते केतकी पुष्प को देखा। तुरंत उन्होंने उससे स्तंभ के छोर के विषय में जानना चाहा। केतकी पुष्प ने कहा कि वह 40000 वर्षों से नीचे की ओर गिर रहा है, किंतु उसे स्तंभ की का छोर दिखाई नहीं दिया है। उस पर ब्रह्मा ने केतकी को अपने छल में सम्मिलित करते हुए उसे झूठा साक्षी बनने की आज्ञा दी। ब्रह्मा ने शिव के समक्ष अग्नि लिंग के छोर का दर्शन करने का दावा किया तथा केतकी को साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किया। ब्रह्मा के असत्य कथन पर शिव अत्यंत क्रोधित हुए तथा ब्रह्मा का एक सिर काट दिया। विष्णु के निवेदन पर उन्होंने ब्रह्मा के अन्य सिरों पर प्रहार नहीं किया किंतु किसी भी मंदिर पर उनकी आराधना पर प्रतिबंध लगा दिया। उन्होंने केतकी पुष्प को भी श्राप दिया कि अब शिव आराधना में उसका उपयोग नहीं किया जाएगा। जिस स्थान पर ब्रह्मा व विष्णु के अहंकार को नष्ट करने के लिए यह अग्नि लिंग प्रकट हुआ था उस स्थान को तिरुवन्नमलई कहते हैं।

एक अन्य कथा के अनुसार देवी पार्वती ने एक क्षण के लिए भगवान शिव के नेत्रों को बंद किया इससे संपूर्ण ब्रह्मांड में अंधकार छा गया अपनी भूल का आभास होते ही वेपश्चाताप करने के उद्देश्य से अरुणाचल पर्वत के समीप अपने अनेक भक्तों के साथ बैठकर कठोर तपस्या में लीन हो गईं। उस समय भगवान शिव पर्वत के ऊपर एक अग्नि स्तंभ के रूप में प्रकट हुए तथा देवी पार्वती में विलीन हो गए, जिससे उनका अर्धनारीश्वर रूप उत्पन्न हुआ। अतः यह पर्वत अत्यंत पावन है तथा इसे भी एक लिंग ही माना जाता है।

श्री अरुणाचलेश्वर मंदिर, तमिल नाडु / Arunachalesvara Temple, Tamil Nadu

अरुणाचलेश्वर मंदिर का इतिहास

वर्तमान संरचना नवी शताब्दी में चोल राजवंश के दौरान बनाई गई थी। बाद में इस देवनगरी पर भिन्न-भिन्न काल में अनेक राजवंशों का शासन रहा है। उनमें प्रमुख थे- चोल वंश, होयसल वंश, संगमा वंश सलवा वंश तथा तुलुव राजवंश तथा विजयनगर शासन। मंदिर में स्थित शिलालेखों पर उन राजवंशों की गौरव गाथाएं आलेखित हैं।

अरुणाचलेश्वर मंदिर की वास्तु कला

यह मंदिर 21 एकड़ क्षेत्रफल में फैला हुआ है वर्तमान में जिस विस्तीर्णता एवं भव्यता से यह मंदिर खड़ा है, वह अनेक सदियों से की जा रही संरचना विस्तार एवं नवीनीकरण का परिणाम है।अरुणाचल पर्वत की पृष्ठभूमि पर स्थित इस मंदिर की संरचना द्रविड़ शैली में की गई है। मंदिर के सभी भागों में हमारे पूर्वजों की अद्भुत कला व कारीगरी प्रत्यक्ष दिखाई देती है।

श्री अरुणाचलेश्वर मंदिर, तमिल नाडु / Arunachalesvara Temple, Tamil Nadu

अरुणाचलेश्वर मंदिर के प्रमुख तत्व-

अरुणाचलेश्वर मंदिर के दर्शन करते समय इन प्रमुख तत्वों को ध्यान में रखें ताकि आप इस मंदिर की अद्भुत वास्तु एवं संरचना की क्षमता को जान सकें तथा उनका आनंद ले सकें।

गोपुरम

मंदिर का मुख पूर्व की ओर है तथा इसके चार प्रमुख देशों में चार गोपुरम है पूर्व दिशा में स्थित गोपुरम सर्वाधिक विशाल है इसे राजगोपुरम कहते हैं। ग्रेनाइट द्वारा निर्मित इस गोपुरम की ऊंचाई लगभग 217 फीट है इसमें 11 तल हैं अन्य गोपुरम के नाम थिरुमंजना गोपुरम (दक्षिण दिशा),पैगोपुरम (पश्चिम दिशा) तथा अम्मना अम्मन गोपुरम (उत्तर दिशा)। सभी गोपुरम विभिन्न शिल्पों द्वारा अलंकृत हैं।

प्राकारम

प्राकारम अथवा प्राकार मंदिर के बाहरी क्षेत्र को कहा जाता है जो खुला या ढका हुआ हो सकता है। यह मंदिर के चारों ओर बनाया जाता है, जहां भक्तगण मंदिर की परिक्रमा करते हैं। इस मंदिर में 7 प्राकार हैं, उनमें पांच प्राकार मंदिर परिसर के भीतर हैं। मंदिर के परिसर को चारों ओर से घेरती सड़क छठा प्राकार है तथा संपूर्ण अरुणाचल पर्वत की परिक्रमा करते पथ को सातवां प्राकार माना जाता है।

मंदिर का जल कुंड

मंदिर परिसर के भीतर दो जलकुंड है राजगोपुरम के निकट शिवगंगई तीर्थम है तथा दक्षिणी गोपुरम की ओर ब्रह्म तीर्थम है।

सहस्त्र स्तंभ मंडप

मंदिर के मंडप का निर्माण विजयनगर साम्राज्य के राजा कृष्णदेव राय के शासनकाल में किया गया था। इस मंडप में सहस्त्र स्तंभ है। राजगोपुरम में प्रवेश करते समय यह मंडप दाई दिशा में स्थित है। इन स्तंभों पर भिन्न-भिन्न देवी देवताओं के सुंदर शिल्प हैं। इस मंडप का प्रयोग विशेष रूप से थिरुमंजनम के समय किया जाता है। थिरुमंजनानम के आयोजन में अर्थ नक्षत्र के अवसर पर भगवान का अभिषेक किया जाता है। इस दिन श्री अरुणाचलेश्वर के अभिषेक के दर्शन हेतु सहस्त्रों भक्तगण इस मंडप में एक साथ बैठते हैं।

विश्व का सबसे बड़ा शिव मंदिर, जहा मिला था ब्रह्मा जी को श्राप

पाथाल लिंगम

पाथाल लिंगम या पाताल लिंग एक भूमिगत कक्ष है। ऐसा कहा जाता है कि रमण महर्षि ने यहां ध्यान साधना की थी। रमण महर्षि एक प्रख्यात संत थे जिन्होंने अल्प आयु में मृत्यु को पराजित किया था।

कम्बत्तु इल्लैयनार सन्निधि

राजा कृष्णदेवराया द्वारा निर्मित यह सन्निधि अथवा मंदिर सहस्त्र स्तम्भ मंडप के समक्ष स्थित है। इसके भीतर चार कक्ष हैं। सबसे भीतरी कक्ष मूलस्थान है जहां श्री मुरुगन की प्रतिमा स्थापित है। तीसरे कक्ष का प्रयोग पूजा आराधना के लिए किया जाता है। प्रथम एवं द्वितीय कक्ष में ग्रेनाईट पर उत्कृष्ट रूप से उत्कीर्णित संरचनाएं हैं।

शिवगंगा विनायक सन्नाथी

विनायक अथवा गणपति को समर्पित यह मंदिर इल्लैयनार संनाथी के पृष्ठभाग में स्थित है। इस मंदिर के ऊपर एक भव्य व विशाल विमान है जिस पर देवी-देवताओं की रंगबिरंगी छवियाँ हैं।

अरुणगिरीनाथर मंडपम

अरुणगिरीनाथर मंडपम अथवा अरुणगिरीनाथ मंडप तमिल संत अरुणगिरीनाथ को समर्पित है। उन्हें सामान्यतः भगवान मुरुगन के समक्ष हाथ जोड़कर नतमस्तक मुद्रा में खड़े हुए दर्शाया जाता है।

कल्याण सुदर्शन सन्निधि

इस सन्निधि में एक शिवलिंग है। साथ ही देवी पार्वती एवं नंदी के विग्रह भी हैं। इसमें एक विवाह मंडप भी है जहां अनेक भक्तगण विवाह समारोह आयोजित करते हैं

वल्लला महाराज गोपुरम

इस गोपुरम का निर्माण होयसल राजा वीर वल्लला अथवा वीर बल्लाल ने किया था। इस अटारी में उनकी प्रतिमा भी स्थापित की गयी है। इसी कारण इसका नामकरण वल्लला महाराज गोपुरम हुआ। यहाँ श्री अरुणाचलेश्वर स्वयं वीर वल्लला का श्राद्ध करते हैं, क्योंकि राजा की कोई संतान नहीं थी।

किल्ली गोपुरम

किल्ली गोपुरम का अर्थ है, तोता अटारी। यह गोपुरम श्री अरुणाचलेश्वर की भीतरी गर्भगृह से जुड़ा हुआ है। इस गोपुरम के ऊपर, एक आले के भीतर, गारे में निर्मित तोते का शिल्प है। ऐसी मान्यता है कि संत अरुणगिरीनाथ स्वयं एक तोते के रूप में इस गोपुरम पर विश्राम कर रहे हैं। इस गोपुरम पर राजा राजेन्द्र चोल तथा इस गोपुरम के निर्माता भास्करमूर्ती व उनकी पत्नी की भी प्रतिमाएं हैं। मंदिर में आयोजित शोभायात्राओं के समय सभी उत्सव मूर्तियों को इसी गोपुरम से बाहर लाया जाता है। 

1200 साल से भी अधिक पुराना है तमिलनाडु का ये मंदिर, यहां अग्नि स्वरूप में होती है शिवलिंग की पूजा

कत्ती मंडपम

किल्ली गोपुरम को पार कर सोलह स्तम्भ युक्त एक विस्तृत कक्ष में पहुँचते हैं जिसे कत्ती मंडपम कहते हैं। प्रमुख उत्सवों के समय यहाँ से सभी देवों के दर्शन होते हैं। कार्तिकई दीपम उत्सव पर पावन अरुणाचल पर्वत के शिखर पर दीप स्तम्भ प्रज्ज्वलित किया जाता है। भक्तगण इसी मंडप से उस प्रकाश पुंज के दर्शन करते हैं। इसी मंडप से ध्वज स्तम्भ एवं श्री अरुणाचलेश्वर मंदिर के समक्ष विराजमान एक छोटे नंदी के भी दर्शन होते हैं।

श्री संबंध विनायक मंदिर

यह मंदिर कत्ती मंडपम के समीप स्थित है। मंदिर के भीतर चटक लाल रंग में भगवान गणेश अथवा विनायक की बैठी मुद्रा में विग्रह है। यह प्रतिमा सम्पूर्ण तमिल नाडू के मंदिरों में स्थापित विशालतम गणेश प्रतिमाओं में से एक है। पौराणिक कथाओं के अनुसार भगवान् गणेश ने एक दानव का वध किया था तथा उसके रक्त से अपने शरीर का लेप किया था। इसी कारण उनकी देह रक्तवर्ण है.

1200 साल से भी अधिक पुराना है तमिलनाडु का ये मंदिर, यहां अग्नि स्वरूप में होती है शिवलिंग की पूजा

उन्नामलई अंदर अम्मन मंदिर

इस मंदिर में देवी उन्नमलाईअम्मन के रूप में देवी पार्वती की आराधना की जाती है। यह मंदिर श्री अरुणाचलेश्वर मंदिर संकुल के उत्तर-पश्चिमी कोने में स्थित है। इस मंदिर में नवग्रह मंदिर, कोडेमरा मंडपम, अष्टलक्ष्मी मंडपम तथा गर्भगृह हैं।

श्री अरुणाचलेश्वर मंदिर

श्री अरुणाचलेश्वर मंदिर इस संकुल का सर्वाधिक भीतरी मंदिर है जो पूर्व मुखी है। वे इस मंदिर के प्रमुख देव हैं। इसके गर्भगृह में शिवलिंग है। मंदिर की चारों ओर स्थित भित्तियों पर लिंगोद्भव, नटराज,  दुर्गा तथा अन्य देव-देवताओं के शिल्प हैं। मंदिर के दूसरे प्राकारम में पल्लियारै नामक एक लघु कक्ष है। यह कक्ष शिव-पार्वती का विश्राम कक्ष है। मंदिर में दिवस भर के सभी अनुष्ठानों की समाप्ति के पश्चात, रात्रि के समय देवी पार्वती की प्रतिमा को पालकी में बैठाकर इस कक्ष में लाया जाता है। श्री अरुणाचलेश्वर का प्रतिनिधित्व करती एक प्रतिमा को भी इस कक्ष में लाया जाता है। तत्पश्चात दोनों विग्रहों को एक झूले पर विराजमान किया जाता है। कुछ अतिरिक्त अनुष्ठानों के पश्चात कक्ष को बंद कर दिया जाता है। भगवान् शिव एवं देवी पार्वती प्रातःकाल तक कक्ष में विश्राम करते हैं।

1200 साल से भी अधिक पुराना है तमिलनाडु का ये मंदिर, यहां अग्नि स्वरूप में होती है शिवलिंग की पूजा

आप यहाँ सुन्देरश्वर, अर्धनारीश्वर तथा अन्य उत्सव मूर्तियों को भी देख सकते हैं जिन्हें विभिन्न उत्सवों में शोभायात्रा के लिए लिया जाता है। दूसरी प्राकारम में 63 नेयनर तथा शिवलिंग के विभिन्न रूपों के शिल्प हैं। गणपति का एक लघु मंदिर, स्थल विनायक, भी यहाँ स्थित है।

नोट:-

श्री अरुणाचलेश्वर मंदिर अथवा दक्षिण के लगभग सभी मंदिरों में पारंपरिक परिधान की अपेक्षा की जाती है। छोटे वस्त्रों की अनुमति पुरुष एवं स्त्री दोनों को नहीं है।


चिया सीड्स / Chia Seeds

चिया सीड्स (Chia Seeds)

आजकल हर फिटनेस फ्रीक या पोषण विशेषज्ञ की जुबान पर चिया सीड्स (Chia Seeds) नाम है। आप सब ने भी यह नाम कहीं ना कहीं सुना होगा, नहीं तो सेलिब्रिटीज के मुंह से तो जरूर ही सुना होगा। पोषण विशेषज्ञ आजकल अपने दिन की शुरुआत चिया सीड्स (Chia Seeds) के साथ करने को कहते हैं। चलिए फिर जानते हैं, आखिर यह चिया सीड्स है क्या? क्या यह फूड सिर्फ एक ट्रेंड है या यह वाकई में स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है?

चिया बीज के फायदे, नुकसान, उपयोग और औषधीय गुण

चिया सीड्स क्या है?

चिया प्लांट एक फूलदार पौधा होता है, जो कि पुदीने के पौधे की तरह होता है। इसी पौधे के बीज को चिया सीड्स कहते हैं। चिया के बीज को खाने में कोई स्वाद नहीं आता है। आमतौर पर चिया के बीज छोटे, चपटे, अंडाकार होते हैं। यह भूरे, धूसर काले, मटमैले और सफेद रंग के होते हैं। 

चिया बीज के फायदे, नुकसान, उपयोग और औषधीय गुण

चिया बीज को वैज्ञानिक रूप से साल्विया हिस्पैनिका (Salvia hispanica) के नाम से जाना जाता है। यह बीज मुख्य रूप से मेक्सिको में पाए जाते हैं। इतिहासकारों के अनुसार सबसे पहले मेक्सिको और ग्वाटेमाल में चिया के बीजों की खेती एक जनजाति द्वारा की गई थी। इन अमेरिकी भारतीय जनजातियों में चिया के बीजों के एनर्जी प्रदान करने वाला गुणों के कारण पवित्र माना जाता था और पंडितों को इन्हें दक्षिणा के रूप में दिया जाता था। वर्तमान समय में दक्षिण अमेरिका, मध्य अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया में चिया के बीजों की खेती की जाती है। चिया के बीजों का उपयोग एवं खेती लंबे समय से की जा रही है और इसके सेहत को कई तरह के फायदे भी मिलते हैं। 

चिया बीज के फायदे, नुकसान, उपयोग और औषधीय गुण

चिया बीज से संबंधित कुछ रोचक तथ्य

  • चिया सीड मिंट प्रजाति का होता है। आपको जानकर हैरानी होगी कि कीड़ों को पुदीना पसंद नहीं होता। इसलिए, कीटनाशकों के उपयोग के बिना ही इस पौधे को उगाया जा सकता है।
  • चिया बीज के पौधे थोड़े अलग तरह के होते हैं और इन्हें विशिष्ट रूप से बढ़ने की आवश्यकता होती है। इसलिए, इन्हें 23 डिग्री उत्तर और 23 डिग्री दक्षिण अक्षांश के बीच उगाया जाता है।
  • चिया बीज की खोज 1990 के दशक में डॉ. वेन कोट्स ने की थी। उन्होंने अर्जेंटीना में ऐसी फसलों (cash crop) की तलाश में परियोजना का नेतृत्व किया था, जो क्षेत्र में किसानों को लाभान्वित कर सकती थी।
  • चिया बीज के फूल बैंगनी और सफेद रंग के होते हैं।
चिया बीज के फायदे, नुकसान, उपयोग और औषधीय गुण

चिया सीड्स का हिंदी नाम

दरअसल चिया सीड भारत में कहीं पर भी नहीं उगता है। भारत में चिया सीड्स मेक्सिको से आयात किया जाता है। ऐसे में इसका कोई भी हिंदी नाम नहीं है। इसको हिंदी में "चिया सीड्स (Chia Seeds)" के नाम से जानते हैं।

चिया सीड्स से संबंधित कुछ अफवाह

चिया सीड्स और तुलसी के बीज देखने में लगभग एक जैसे लगते हैं। इसलिए बहुत से लोग चिया सीड्स को तुलसी का बीज समझते हैं, परंतु चिया के बीज और तुलसी का बीज दोनों एक दूसरे से बिल्कुल अलग अलग है।

जानते हैं चिया बीज के फायदे, नुकसान, उपयोग और औषधीय गुणों के बारे में

चिया के बीज में कैल्शियम, आयरन, मैग्नीशियम, पोटेशियम आदि जैसे कई सारे पोषक तत्व प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, जिनके सेवन से यह शरीर को रोग मुक्त रखने में बहुत सहायक होते हैं। साथ ही इन बीजों में प्रचुर मात्रा में फाइबर, ओमेगा -3 फैटी एसिड और अन्य कई मिनरल्स पाए जाते हैं। पुदीने फैमिली के इस पौधे के बीज बहुत ही फायदेमंद होते हैं। 

वजन कम करने में

  • सुबह के नाश्ते में चिया बीज का सेवन करने से भूख शांत होती है और साथ ही शोध में यह माना गया है कि चिया बीज में मौजूद हाई प्रोटीन भूख के एहसास को कम कर वजन कम करने में सहायक होती है। 
  • एक गिलास पानी में दो चम्मच कच्चे या साबुत बीज को मिलाएं। इस मिश्रण को अच्छी तरह हिला के पानी के अवशोषण के कारण इन बीजों को फूलने से पहले उन्हें जल्दी ही पी लें। चिया बीज में मौजूद फाइबर लंबे समय तक भूख नहीं लगने देता, जिससे वजन कम करने में मदद मिलती है।

कब्ज की समस्या

चिया बीज घुलनशील फाइबर से भरपूर होते हैं। चिया बीज पानी के संपर्क में आते ही एक जेल में बदल जाता है, जिससे मल त्यागने में सहायता मिलती है और इससे कब्ज में से राहत मिलती है।

मधुमेह में

संयुक्त राज्य अमेरिका के कृषि विभाग के अनुसार चिया बीज उन खाद्य पदार्थों में से एक है, जो मधुमेह के उपचार में उपयोगी माना जाता है। मधुमेह रक्तचाप के स्तर में सुधार लाने के लिए इन बीजों का उपयोग किया जाता है। ओमेगा- 3 फैटी एसिड की उपस्थिति के कारण मधुमेह रोगियों के लिए उपयोगी होता है।

कोलेस्ट्रोल कम करने में

चिया सीड्स में मौजूद ओमेगा -3 फैटी एसिड रक्त कोलेस्ट्रोल को कम करने में भी सहायता करते हैं, जिससे इस प्रक्रिया के दौरान कोरोनरी ह्रदय रोग को रोकने में भी मदद मिलती है। चिया बीज में मौजूद मोनोअनस्यूटेटेड बसा भी कोलेस्ट्रोल का स्तर कम करने में सहायता करता है।

ह्रदय के लिए

चिया बीजों में लिनोलेइक एसिड होते हैं, जो एक प्रकार का फैटी एसिड है। यह शरीर के वसा में घुलने वाले विटामिन A, विटामिन D, विटामिन E और विटामिन K को अवशोषित करने में मदद करता है। ओमेगा-3 रक्तचाप, खराब कोलेस्ट्रोल और सूजन को कम करके दिल की रक्षा करने में भी सहायता करता है।

ओमेगा 3 ट्राइग्लिसराइड्स को कम करता है (यह रक्त में वसा का एक प्रकार है)। इसके अलावा अनियमित धड़कन, कम रक्तचाप के जोखिम को कम करता है और धमनी पट्टिका के संचय को धीमा कर देता है। अतः चिया बीज के खाने से अनेक बीमारियों से बचा जा सकता है।

चिया बीज के फायदे, नुकसान, उपयोग और औषधीय गुण

हड्डियों के लिए

चिया के बीज हड्डियों और दातों को मजबूत बनाए रखने में भी सहायक होते हैं। चिया बीज कैल्शियम का एक अच्छा स्रोत है, जो हड्डियों के विकास और उन्हें मजबूती प्रदान करने में सहायक होता है।

त्वचा के स्वास्थ्य के लिए

  • चिया बीज में मौजूद ओमेगा - 3 फैटी एसिड ब्लड सरकुलेशन को बढ़ाता है और त्वचा के सूखेपन को कम करता है। यह त्वचा की सूजन को भी कम करने में सहायक होता है तथा यह त्वचा के झुर्रियों को रोकने में सहायक होता है।
  • चेहरे की त्वचा पर चिया के बीज का फेस मास्क नियमित रूप से उपयोग करने से चेहरे पर मुंहासे ठीक हो जाते हैं।
  • त्वचा के सूखे हिस्सों पर जैसे कोहनी और घुटनों पर चिया के बीज का तेल उपयोग करने से त्वचा मुलायम हो जाती है।
  • चिया बीज जिंक का एक अच्छा स्रोत है, जो त्वचा के लिए एंटीऑक्सीडेंट के रूप में काम करता है। यह डेड स्किन सेल्स के उपचार और मरम्मत में भी सहायक होता है।
  • बढ़ती उम्र के संकेतों को रोकने के लिए चिया बीज का सेवन बहुत अच्छा माना जाता है।

अनिद्रा की समस्या

चिया बीज में ट्रिप्टोफेन नाम का एक विशेष तत्व पाया जाता है, जो अनिद्रा की समस्या में सहायक होता है। अतः चिया बीज के सेवन से अनिद्रा की समस्या से बचाव हो सकता है।

चिया बीज के फायदे, नुकसान, उपयोग और औषधीय गुण

चिया बीज के नुकसान(Side Effects of Chia Seeds)

  • चिया बीजों का अधिक मात्रा में सेवन करने पर एलर्जी की समस्या हो सकती है। इस एलर्जी में शरीर पर निशान, सांस लेने में दिक्कत, खुजली, दस्त, उल्टी, सूजन आदि समस्याएं हो सकती हैं।
  • चिया बीज में अधिक मात्रा में फाइबर होता है। कुछ लोगों को इसका अधिक सेवन करने के बाद पेट की समस्या हो सकती है। इसलिए कम मात्रा में चिया बीज का सेवन करें और पानी अधिक मात्रा में पिएं।
  • चिया बीज में बहुत अधिक मात्रा में फाइबर होता है। अधिक फाइबर के सेवन से कब्ज और दस्त की समस्या हो सकती है।
  • चिया बीज में अधिक मात्रा में ओमेगा 3 फैटी एसिड होता है, जो प्राकृतिक तरीके से खून को पतला करने का कार्य करता है। चिया बीज रक्त को जमने से रोकता है। अतः यदि आप पहले से ही खून पतला करने वाली कोई दवा ले रहे हैं, तो चिया बीज का सेवन ना करें।
  • अत्यधिक रक्तस्राव से बचने के लिए सर्जरी के बाद बीजों का सेवन नहीं करना चाहिए।

चिया बीज के पौष्टिक तत्व

चिया सीड्स में मौजूद पौष्टिक तत्व (Nutritional Value of Chia Seeds)

चिया बीज खाने का सही तरीका

  • रात भर चिया के बीजों को पानी में भिगोकर रखें। यह शरीर के लिए काफी फायदेमंद होता है। भीगने पर चिया के बीज जेल की तरह बन जाते हैं। अब इसको किसी भी पेय में मिलाकर सेवन कर सकते हैं। यह पाचन शक्ति को ठीक करता है। 
  • चिया बीज को पीसकर इसको पाउडर के रूप में भी उपयोग कर सकते हैं। पीसने के बाद इसको किसी भी पकवान के साथ मिलाकर खा सकते हैं। 
  • चिया के बीजों को दही में मिलाकर नाश्ते के रूप में सेवन किया जा सकता है।

चिया बीज खाने का सही समय

दिन के दौरान किसी भी समय चिया के बीज का सेवन किया जा सकता है।

इसका सही समय इस बात पर भी निर्भर करता है कि हम इसे किस लिए आहार में शामिल कर रहे हैं। अर्थात यदि लंबे समय तक हाइड्रेटेड रहना है, तो चिया के बीज को योगा और कसरत करने से पहले खाएं। इसको किसी पेय में मिलाकर भी पी सकते हैं। यदि वजन कम करने के लिए और भूख में सुधार के लिए खा रहे हैं, तो इन बीजों को सुबह भोजन से पहले खाएं। 

English Translate

Chia Seeds

Nowadays every fitness freak or nutritionist has the name Chia Seeds on his tongue. All of you must have heard this name somewhere, otherwise you must have heard it from the mouth of celebrities. Nutritionists these days recommend starting your day with chia seeds. Let's know again, what is this chia seeds? Is this food just a trend or is it really beneficial for health?

चिया बीज के फायदे, नुकसान, उपयोग और औषधीय गुण

What is Chia Seeds?

The chia plant is a flowering plant, similar to the mint plant. The seeds of this plant are called chia seeds. There is no taste in eating chia seeds. Generally chia seeds are small, flat, oval. It is brown, gray, black, beige and white in color.

Chia seeds are scientifically known as Salvia hispanica. These seeds are mainly found in Mexico. According to historians, chia seeds were first cultivated by a tribe in Mexico and Guatemal. Among these American Indian tribes, chia seeds were considered sacred due to their energy-giving properties and were given as dakshina to pundits. At present, chia seeds are cultivated in South America, Central America and Australia. Chia seeds have been used and cultivated for a long time and have many health benefits.

Some interesting facts about chia seeds

  • Chia seed is of mint species. You will be surprised to know that insects do not like mint. Therefore, this plant can be grown without the use of pesticides.
  • Chia seed plants are a little different and have specific growing needs. Therefore, they are grown between 23 degree north and 23 degree south latitude.
  • Chia seeds were discovered in the 1990s by Dr. Wayne Coates. He led the project in Argentina in search of cash crops that could benefit farmers in the area.
  • Chia seed flowers are purple and white in color.

chia seeds in hindi name

Actually chia seed does not grow anywhere in India. Chia seeds in India are imported from Mexico. So it does not have any Hindi name. It is known as "Chia Seeds" in Hindi.

Some Rumors Related to Chia Seeds

Chia seeds and basil seeds look almost alike. That's why many people think of chia seeds as basil seeds, but both chia seeds and basil seeds are completely different from each other.

चिया बीज के फायदे, नुकसान, उपयोग और औषधीय गुण

Know about the benefits, harms, uses and medicinal properties of chia seeds

Many nutrients like calcium, iron, magnesium, potassium etc. are found in abundance in chia seeds, due to which they are very helpful in keeping the body disease free. Also, these seeds are rich in fiber, omega-3 fatty acids and many other minerals. The seeds of this plant of mint family are very beneficial.

in losing weight

  • Consuming chia seeds in the morning breakfast satisfies the appetite and also in research it has been believed that the high protein present in chia seeds helps in reducing the feeling of hunger and helps in reducing weight.
  • Mix two teaspoons of raw or whole seeds in a glass of water. Shake this mixture well and drink these seeds soon before they swell due to water absorption. The fiber present in chia seeds prevents hunger for a long time, which helps in reducing weight.

constipation problem

Chia seeds are rich in soluble fiber. Chia seeds turn into a gel upon contact with water, which aids in bowel movement and provides relief from constipation.

चिया बीज के फायदे, नुकसान, उपयोग और औषधीय गुण

in diabetes

According to the United States Department of Agriculture, chia seeds are one of the foods that are considered useful in the treatment of diabetes. These seeds are used to improve diabetic blood pressure levels. It is useful for diabetics due to the presence of omega-3 fatty acids.

in reducing cholesterol

The omega-3 fatty acids present in chia seeds also aid in lowering blood cholesterol, which also helps prevent coronary heart disease during this process. The monounsaturated fats present in chia seeds also help lower cholesterol levels.

for the heart

Chia seeds contain linoleic acid, which is a type of fatty acid. It helps the body absorb fat-soluble vitamin A, vitamin D, vitamin E and vitamin K. Omega-3s also help protect the heart by reducing blood pressure, bad cholesterol and inflammation.

Omega 3 lowers triglycerides (this is a type of fat in the blood). It also reduces the risk of irregular heartbeat, low blood pressure and slows the accumulation of arterial plaque. Therefore, many diseases can be avoided by eating chia seeds.

for bones

Chia seeds are also helpful in maintaining strong bones and teeth. Chia seeds are a good source of calcium, which aids in the development and strength of bones.

for skin health

  • The omega-3 fatty acids present in chia seeds increase blood circulation and reduce dryness of the skin. It is also helpful in reducing inflammation of the skin and it is helpful in preventing wrinkles of the skin.
  • Using chia seed face mask regularly on the skin of the face cures acne on the face.
  • Using chia seed oil on dry areas of the skin like elbows and knees can make the skin soft.
  • Chia seeds are a good source of zinc, which acts as an antioxidant for the skin. It is also helpful in treating and repairing dead skin cells.
  • Consumption of chia seeds is considered very good to prevent the signs of aging.

insomnia problem

A special element called tryptophan is found in chia seeds, which is helpful in the problem of insomnia. Therefore, the problem of insomnia can be avoided by the consumption of chia seeds.

चिया बीज के फायदे, नुकसान, उपयोग और औषधीय गुण

Disadvantages of Chia Seeds

  • Consuming chia seeds in excess can cause allergic problems. In this allergy, there may be problems like marks on the body, difficulty in breathing, itching, diarrhea, vomiting, swelling etc.
  • Chia seeds contain a high amount of fiber. Some people may have stomach problems after consuming too much of it. Therefore, consume chia seeds in small quantities and drink plenty of water.
  • Chia seeds contain a lot of fiber. Consuming too much fiber can cause constipation and diarrhea.
  • Chia seeds are high in omega 3 fatty acids, which act as a natural blood thinner. Chia seeds prevent blood from clotting. So if you are already taking any blood thinners, do not consume chia seeds.
  • The seeds should not be consumed after surgery to avoid excessive bleeding.

The right way to eat chia seeds

Soak chia seeds in water overnight. It is very beneficial for the body. Chia seeds become like a gel when soaked. Now it can be consumed by mixing it in any drink. It improves digestion power.

Chia seeds can be grinded and used in the form of powder. After grinding, it can be eaten by mixing it with any dish.

Chia seeds can be mixed with yogurt and consumed as a snack.


best time to eat chia seeds

Chia seeds can be consumed at any time during the day.

Its exact timing also depends on what we are including it in the diet. That is, if you want to stay hydrated for a long time, then eat chia seeds before doing yoga and exercise. You can also drink it by mixing it in any drink. If eating to lose weight and improve appetite, then eat these seeds in the morning before meals.

चिया बीज के फायदे, नुकसान, उपयोग और औषधीय गुण

Sunday.. इतवार ..रविवार

 इतवार (Sunday)

Sunday.. इतवार ..रविवार

"रुतबा तो खामोशियों का होता है,
अल्फाज का क्या?
वो तो बदल जाते हैं,
अक्सर हालात देखकर...❤"

तुम हमारे हो 

नहीं मालूम क्यों यहाँ आया
ठोकरें खाते हु‌ए दिन बीते
उठा तो पर न सँभलने पाया
गिरा व रह गया आँसू पीते

ताब बेताब हु‌ई हठ भी हटी
नाम अभिमान का भी छोड़ दिया
देखा तो थी माया की डोर कटी
सुना वह कहते हैं, हाँ खूब किया

पर अहो पास छोड़ आते ही
वह सब भूत फिर सवार हु‌ए
मुझे गफलत में ज़रा पाते ही
फिर वही पहले के से वार हु‌ए

एक भी हाथ सँभाला न गया
और कमज़ोरों का बस क्या है
कहा – निर्दय, कहाँ है तेरी दया
मुझे दुख देने में जस क्या है

रात को सोते यह सपना देखा
कि वह कहते हैं तुम हमारे हो
भला अब तो मुझे अपना देखा
कौन कहता है कि तुम हारे हो।

अब अगर को‌ई भी सताये तुम्हें
तो मेरी याद वहीं कर लेना
नज़र क्यों काल ही न आये तुम्हें
प्रेम के भाव तुरंत भर लेना

– सूर्यकान्त त्रिपाठी 'निराला'
Sunday.. इतवार ..रविवार
"धूप कितनी भी तेज हो
समुन्दर सूखा नही पड़ सकता.
उसी तरह उम्मीदों का सागर
किसी एक हार से खाली नही हो सकता...❤"

30 New Year Wishes || Happy New Year ..नव वर्ष 2022 ||

New Year Wishes & Greetings - 2022

As 2021 is coming to an end, everyone is getting very excited to enter into the new year. 2022 will be the year where everyone can start afresh. The new year marks the beginning of new promises, resolutions and life decisions. It is this time of the year when we all can let go of old disputes and fights, and focus on mending everything for the new year to come.

30 New Year Wishes

 NEW HOPES DREAMS CHANCES BEGINNINGS
HAPPY NEW YEAR!!

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30 New Year Wishes

“Learn from yesterday, live for today, hope for tomorrow.”—Albert Einstein
Happy new year 

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30 New Year Wishes

A New Year is God's GIFT -
In the joyful moments thank Him.
In the busy moments bless Him.
In the trying moments trust Him.
In the quiet moments praise Him
-ROY LESSIN

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30 New Year Wishes

HAPPY NEW YEAR
May this new year bring you much joy and fun. May you find peace, love, and success. Sending my heartiest new year wish for you! 

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30 New Year Wishes

 Happy New Year
“From the bottom of my heart, I wish you lots of good things for this new year 2021 and especially good health and peace in your heart!" 

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30 New Year Wishes

“This is a new year. A new beginning. And things will change.”
-Taylor Swift 

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30 New Year Wishes

The Lord bless you and keep you! The Lord let his face shine upon you, and be gracious to you! The Lord look kindly and give you peace. HAPPY NEW YEAR!

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30 New Year Wishes

Today, is the first blank page of a 365-page book.
Write a good one.
BRAD PAISLEY 
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30 New Year Wishes

 Happy New Year
May the spirit of this holiday season fill your heart with love peace and serenity
Wishing you many wishes for the New Year! 

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30 New Year Wishes

May the New Year bring only
happiness and joy to you and
your beautiful family.
Happy New Year!!!

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30 New Year Wishes

It's time to make way for the new, to reaffirm and dream afresh, to embrace new joys and embark on new voyages. This New Year Wishing you success.
Happy New Year.. 

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30 New Year Wishes

 HAPPY NEW YEAR
I wish you a wonderful new year full of plenty joy and moments of treasure. May 2022 is still your best year! 

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30 New Year Wishes

Wishing you 12 months of success, 52 weeks of laughter, 365 days of fun, 8760 hours of joy, 525600 minutes of good luck and 31536000 seconds of happiness.
Happy New Year!!!
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30 New Year Wishes

HAPPY NEW YEAR!!!!
“New Year, New Feels, New Chances, Same Dreams, Fresh Starts. 

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30 New Year Wishes

A new year means a new chapter. I hope 2022 is an incredible part of your story. 

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30 New Year Wishes

HAPPY NEW YEAR!
May joy, peace, and success follow you everywhere you go and do. Have a wonderful new year with your whatever you family and friends. 

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30 New Year Wishes

Another fresh New Year is here
Another year to live! To banish worry, doubt, and fear,
To love, and laugh and give!
Happy New Year 

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30 New Year Wishes

Wish your life always remains Bright throughout .
Have a rocking New year. 

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30 New Year Wishes

 Let the old year end and the New Year begin with the warmest of aspirations. Happy New Year! 

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30 New Year Wishes

Happy New Year
I hope your life will be full of surprise and joy in the new year that's about to begin. May You be blessed with everything you want in life. 

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30 New Year Wishes

Happy New Year 
Wishing you a Happy New Year with the hope that you will have many blessings in the year to come. 

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30 New Year Wishes

Wish this New Year brings for you lots of joy,happiness, good health and indeed wealth. Have a rocking year,
Wish You A Happy New Year 

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30 New Year Wishes

 I Wish a New Year with more harmony lots of new friends and new reasons to laugh With that thought.
Wish You Happy New Year 

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30 New Year Wishes

 Happy New Year
A New Year is like a blank book, and the pen is in your hands. It is your chance to write a beautiful story for yourself. Happy New Year. 

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30 New Year Wishes

Wish You and Your Family a Joyful, Bright, Healthy Prosperous and Happiest New Year Ahead!
Happy New Year 2022 

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30 New Year Wishes

Happy new Year!!!
Wishing you and yours some well-deserved downtime and a very happy new year to come. 

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30 New Year Wishes

 May this year bring happiness Have a fabulous New Year ahead!
HAPPY NEW YEAR 2022 

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30 New Year Wishes

 HAPPY NEW YEAR!
May you go all well without worries and without fails. You touch sky, its horizon as you want to. This life may prosperous for you. 

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30 New Year Wishes

As another wonderful year end and as another year is set to start to surprise us with a better life.
Happy New Year 2021

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30 New Year Wishes

Happy New Year! Wishing you & your family the happiest of New Year!

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