Sunday.. इतवार ..रविवार

 इतवार (Sunday)

Sunday.. इतवार ..रविवार
"अगर किसी चीज की चाहत हो
और ना मिले तो समझ लेना
की कुछ और लिखा है तेरे तकदीर में...❤"

तुम्हें चाहता वह भी सुन्दर 

तुम्हें चाहता वह भी सुन्दर
जो द्वार-द्वार फिर कर
भीख माँगता कर फैला कर
भूख अगर रोटी की ही मिटी
भूख की जमीन न चौरस पिटी
और चाहता है वह कौर उठाना कोई
देखो, उसमें उसकी इच्छा कैसे रोई

द्वार-द्वार फिर कर
भीख माँगता कर फैला कर
तुम्हें चाहता वह भी सुन्दर
देश का, समाज का
कर्णधार हो किसी जहाज का
पार करे कैसा भी सागर
फिर भी रहता है चलना उसे
फिर भी रहता है पीछे डर

चाहता वहाँ जाना वह भी
नहीं चलाना जहाँ जहाज, नहीं सागर
नहीं डूबने का भी जहाँ डर
तुम्हें चाहता है वह, सुन्दर
जो द्वार-द्वार फिर कर
भीख माँगता कर फैला कर

– सूर्यकान्त त्रिपाठी 'निराला'

Sunday.. इतवार ..रविवार
"शक ना कर मेरी हिम्मत पर,
मैं ख्वाब बुन लेता हूँ,
टूटे धागों को जोड़कर...❤"

44 comments:

  1. इतवार की खुशनुमा सुबह को और अधिक खुशनुमा बनाती निराला जी की कविता और प्रेरक पंक्तियां।
    शुभ रविवार।

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  2. Happy Sunday
    मोहतरमा चाहत है कोई खिलौना नही जब चाहा पसंद बदल दिया

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    1. एक बच्चे की चाहत खिलौने की भी होती है। हर किसी की चाहत अलग अलग होती है। उस बच्चे के लिए खिलौना भी उतनी ही महत्व का होता है, जितनी की किसी और के लिए कुछ और।

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    2. मोहतरमा जिसे आप पसंद करते हो वो आप को न मिले उसके सथा पर किसी अन्य विकल्प को चुनना को मजबूरी कहते हैं।

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    3. मनुष्य की इच्छाओं की कोई सीमा नहीं। और सभी इच्छाएं पूरी हों ये संभव नहीं। अगर ये मजबूरी है तो हर इंसान मजबूर है।

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    4. मजबूरियों की बेङिया इंसान खुद पहनता है, इतनी बड़ी कोई मजबूरी नही है जिसके डर से इंसान आगे न बढे

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    5. इच्छाओं और मजबूरियों का डर से कोई लेना देना नहीं।

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    6. जब इंसान डरता है तभी मजबूरियों की बेङिया पहनता है इसलिए इसे अलग अलग नही देखा जा सकता है

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    7. नहीं, ऐसा नहीं होता है। इंसान परिस्थियों के वशीभूत होता है। शायद आप किसी व्यक्ति विशेष की बात कर रहे। किसी एक व्यक्ति या कुछ लोगों की बातों से किसी मुद्दे का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।

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    8. परिस्थितियां स्वयं निर्मित नही होती है परिस्थितियों को इंसान स्वयं ही निर्मित करता कुछ बेवजह की परिसीमा निर्मित कर लेता है आपने चारों तरफ,लोग क्या कहेंगे इससे बहुत परेशान रहता है,होता कुछ है और दिखावा कुछ और ही करता है बङा बनने के चक्कर में सकारात्मक होने का ढोंग भी करने लगता है।

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  3. हिम्मत की बात करने वाले ही जब जरूरत होती है तो डर के भाग जाते हैं🤣🤣🤣🤣🤣🤣

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    1. लगता है आपकी जिंदगी का तजुर्बा बहुत गलत है।

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    2. अब तजुर्बा है हमेशा अच्छा ही हो् ये कोई जरूरी नहीं ।

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    3. तजुर्बे कई मिलते हैं, जिंदगी की राहों में। हर परिस्थिति में खुद को सम और सकारात्मक बनाए रखने को डर नहीं कहा जाता।

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    4. सम और सकारात्मक होना और सकारात्मकता का ढोंग या दिखावा करना दोनों में बहुत अंतर है मोहतरमा पहले ठीक से अंतर करना सिखिए

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    5. मुझे तो अंतर मालूम है, पर शायद आपको तजुर्बा गलत है मिल गया है। सबको एक नजर से देखना सही नहीं। इसी धरती पर सकारात्मक लोग भी हैं और ढोंगी भी।

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    6. ऐसा प्रतीत हो रहा जैसे किसी ने निरंजन जी को धोखा दिया है। शायद तभी इस तरह की बातें कर रहे। पर दुनिया में सिर्फ धोखेबाजी और दिखावा नहीं है। सकारात्मकता और सच्चाई भी है।

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    7. हमको क्या कोई धोखा देगा, हम तो हमेसा सकारात्मक रहते हैं आपको इतना मेरे लिए सोचने की आवश्यकता नहीं और आप ने इतना सोचा इसके लिए आप को कोटि कोटि धन्यवाद

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    8. संध्या जी धोखा भी बहुत खूबसूरत होता है,आप को लग रहा है अनुभव है ।

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  4. Happy Sunday dear🌹🌹

    Beautiful pic ❤️❤️

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  5. Happy Sunday darling ��

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  6. शुभ रविवार 🧡♥️

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  7. sundar chavi ..prerak kavita k sath..happy sunday enjoy

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  8. अनूठी तथा मार्मिक कविता।शुभ रविवार।

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  9. ए जिंदगी चाहे तू रोज इम्तिहान लेना
    कभी-कभी खुशियों की मुस्कान देना
    जब तक है सांसे संघर्ष करती रहूँगी
    तू भी मेरे दिल की ये बात जान लेना
    मेरी भी आदत है हर जिद ठान लेना
    मुश्किल घड़ी में होश से काम लेना
    जब तक ना मिले मुझे मेरी मंजिल
    चाहत नहीं कहीं भी आराम लेना
    तूने ही तो दी है ये सांसे-ये धड़कन
    बचपन मजे का जवानी लड़कपन
    माना बुढ़ापा बड़ी तकलीफ देता है
    बुढ़ापे में साथ देता अपना बड़प्पन
    जीवन की कोई समय सीमा नहीं है
    समय तो गतिमान है धीमा नहीं है
    माना समय के साथ चलना है मुझे
    किसके सिर पे कोई जिम्मा नहीं है
    🙏नरेश"राजन"हिन्दुस्तानी🙏

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    1. दिल खुश कर दिया..

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  10. जितना मैंने जिंदगी को देखा और समझा है उस हिसाब से तो परिस्थितियों पर इंसान का कोई वश ही नहीं है इंसान के वश में सिर्फ उन परिस्थितियों से सामंजस्य बना कर अपने अनुरूप करने की कोशिश करते रहना ही है।
    सुंदर कविता के साथ सुंदर सी तस्वीर
    शुभ रविवार

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  11. सौदा मोहब्बत का आसान नहीं था
    इश्क़ से पहले मैं यूँ परेशान नहीं था
    प्यार तो करते हैं ये सब दुनिया वाले
    प्रेम-राह पे चलकर मैं हैरान नहीं था
    सोचता था इश्क़ की बानगी क्या है
    मोहब्बत की ऐसी दीवानगी क्या है
    दिल में मेरे भी प्रेम का पुष्प खिला
    प्यार हुआ मुझे तो हैरानगी क्या है
    प्यार में तो लोग सबको भुला देते है
    बस एक यार को ही अपना कहते है
    जमाना चाहे उनकी कितनी बातें करें
    जमाने वालों को भी ये दुत्कार देते है
    लोग कहते हैं अंधा होता है ये प्यार
    प्यार में बस नजर आता अपना यार
    प्यार में अच्छा-बुरा भी सुझता नहीं
    बस यार के ईर्द-गिर्द होता है संसार
    जिंदगी में सबकी जरूरत है ये प्यार
    प्यार के बिना तो ये जीना है दुश्वार
    सोच-समझकर करना ये प्यार यारों
    प्यार को कई लोग समझते व्यापार
    इश्क में दिवाने कर देते हैं बगावत
    इश्क़ से दिल को मिलती है राहत
    राह चलते यूँ किसी ऐरे-गैरे से नहीं
    जो दिल चाहे उसी से होती चाहत
    🙏नरेश"राजन"हिन्दुस्तानी🙏

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    1. क्या बात 🌹🌹

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  12. जिंदगी तुझसे क्या करें गिला
    खुश है उसी में जो हमें मिला
    गम और खुशी आती-जाती है
    चलता रहता यही सिलसिला
    भागता रहता रोज हर कोई
    जिंदगी की इस आपाधापी में
    फिर भी कुछ हसरतें बाकी
    रह जाती है इस पेट पापी में
    भीख मांग कर कई मजबूर
    अपनों का पेट भरते है यहाँ
    दो वक्त रोटी खिला पाते हैं
    कुछ तो अपना पसीना बहा
    इसी सोच में सो नहीं पाते
    कल कुछ तो ज्यादा मिलेगा
    आज के दिन तो जैसे-जैसे
    ऐसे-वैसे ही ये काम चलेगा
    बस बच्चों का पेट भर जाए
    उनकी जिंदगी सुधर जाए
    अपनी औलाद के लिए तो
    हम हद से आगे गुजर जाए
    यही चाहते हैं गरीब-लाचार
    रोज हमें तो रोटी मिल जाए
    ख्वाबों में भी कभी न सोचे
    महल या कोठी मिल जाए
    जी-तोड़ रोज मेहनत करते
    बड़ी मुश्किल से गुजर करते
    खुद भुखे प्यासे रह लेते वो
    पर बदनामी से वो डरते हैं
    खुद की उन्हें परवाह नहीं है
    फिक्र उन्हें अपनी संतान की
    चैन से गुजर जाए ये जिंदगी
    नहीं चाहते जिंदगी शान की
    ए रब तु इतना करम करना
    मुश्किल इनकी कम करना
    🙏नरेश"राजन"हिन्दुस्तानी🙏

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  13. Kya baat hai🌹🌹👌🏻👏🏻

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  14. बहुत खूब..बहुत सुंदर

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