मेरी बालकनी - 2020

इतवार (Sunday)

आज की पोस्ट हर बार से थोड़ा अलग.....

सुबह की एक सुखद अनुभूति, जो आपलोगों के साथ साझा कर रही हूँ। 

Squirrels (गिलहरी) 

बचपन से ही मैं साहित्यानुरागी हूँ और समय निकालकर मैं अपनी साहित्य क्षुधा की पूर्ति भी करती हूँ। उपन्यास, कहानी, कविता आदि सभी साहित्य की विधाओं में मेरी रुचि है, लेकिन साहित्य लिखने में मेरी लेखनी कदाचित कमज़ोर रही है। उच्च स्तर की भाषा और शैली न होने के बावजूद मैं आज आपके समक्ष अपनी बात रखने का प्रयास कर रही हूँ।

Squirrels (गिलहरी)

             कुछ महीने पहले ही मैं सरकारी आवास में रहने के लिए आई हूँ। हमारी यह कॉलोनी चारों ओर से हरे भरे वृक्षों से आच्छादित है। प्रातः काल अरुणिम सूर्य की लालिमा के साथ पक्षियों के चहचहाने से यहां हृदय प्रफुल्लित रहता है। मेरे घर की छोटी सी बालकनी के सामने एक इमली का वृक्ष है। प्रकृति से स्वाभाविक प्रेम के कारण मैंने उस बालकनी में गमलों में फूलों के पौधे लगाए हैं और सुबह का बेशकीमती समय मैं वहीं पर बिताती हूँ। उसी बालकनी में एक छोटी प्लेट में मैंने चिड़ियों के लिए दाने भी रखने प्रारम्भ कर दिए। कुछ दिनों बाद ही चिड़ियों का झुंड वहां आकर दानों को खाने लगा। यह देखकर मेरा हृदय प्रसन्न हो उठता था। एक दिन, मैंने देखा कि दबे पांव एक गिलहरी भी दानों के पास आने लगी। डरी, सहमी गिलहरी, सतर्क निगाहों से इधर उधर देखते प्लेट के पास आती और दाना चुगकर इमली के पेड़ पर भाग जाती। दाना खाने के बाद वह फिर आती और फिर दाना चुगकर इमली के पेड़ पर चढ़ जाती और यह सिलसिला कई दिन तक चलता रहा। इसे देखकर मुझे महादेवी वर्मा जी की कहानी, "गिल्लू" की याद आ गयी।

Squirrels (गिलहरी)

मैं रोज़ बालकनी में योग करती हूँ। मुझे बालकनी में नित्य बैठे देखकर धीरे - धीरे मेरे प्रति उसका भय समाप्त होने लगा। अब मेरे बालकनी मे बैठकर योग करने के दौरान वह मेरे सामने ही आराम से बैठकर दाना चुगती रहती है।

सचमुच,ये पल मेरे लिए बहुत आनंददायक होते हैं।

Squirrels (गिलहरी)

बताइयेगा जरूर .... आज की पोस्ट पढ़कर कैसा लगा ....

बुराई पर अच्छाई की जीत का पावन पर्व विजयादशमी की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं।

English Translate

Sunday

 Today's post is a little different from every time .......

 A pleasant morning feeling, sharing it with you.

 Since childhood, I am a literary and taking the time, I also fulfill my literature apps.  I am interested in all the genres of literature, such as novels, stories, poems, etc. But my writing in literature is rarely weak.  Despite not having a high level of language and style, I am trying to present my point before you today.

              A few months ago I came to live in a government house.  Our colony is covered with lush green trees all around.  Arunim in the morning with the redness of the sun keeps chirping the heart here.  There is a tamarind tree in front of the small balcony of my house.  Due to natural love for nature, I have planted flower plants in pots in that balcony and I spend precious time there in the morning.  In a small plate in the same balcony, I started placing grains for the birds.  After a few days, a bunch of sparrows came there and started eating grains.  My heart was happy to see this.  One day, I noticed that a squirrel too soon came near the grains.  Afraid, the stray squirrel, with careful eyes, came to the plate and looked at the plate and ran over the tamarind tree.  After eating the seeds, she would come again and then feed the seeds and climb the tamarind tree and this process continued for several days.  Seeing this, I remembered the story of Mahadevi Varma ji, "Gillu".

 I do yoga in the balcony every day.  Seeing me sitting in the balcony regularly, his fear towards me started to end.  Now while sitting in my balcony doing yoga, she sits in front of me and keeps on feeding.

 Really, these moments are very enjoyable for me.

 Will tell you how it was ... by reading today's post ....

 Wishing all of you a hearty victory for the victory of good over evil, Vijayadashami.


32 comments:

  1. Kya bat ha...bful..aasha krta hu aisi manmohak subah aapko roj mile.. happy dussehra..

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  2. वाह ...क्या बात है ...आज की सुबह खास है... यह तो गिलहरी है आपके पास तो कोई भी खींचा आए 🌹🌹

    आप सभी को विजयादशमी की हार्दिक शुभकामनाएं

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  3. Beautiful morning 👌👌👌👌👌👌👌👌👌

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  4. Happy itwaar... and dussehra

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  5. Happy Dussehra+ Happy Sunday 🌹🌹🍫❤️

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  6. बहुत ही अलग ,बहुत ही विशेष,बहुत ही महत्वपूर्ण है आज का ब्लॉग।साहित्य के साथ आपका पशु पक्षियों के प्रति प्रेम सराहनीय है।चिड़ियों को दाना देकर आप पर्यावरण की रक्षा में भी महती भूमिका निभा रही हैं। वातावरण में गौरया,गिलहरी आदि का बढ़ना भी मानव के लिए शुभ संकेत है।आपने
    दशहरा के इतवार को और अधिक खुशनुमा बना दिया।
    सभी को दशहरा की हार्दिक शुभकामनाएं।

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  7. आज तो रविवार तो है ही, इसके साथ दशहरा भी, खाओ गुड़ की जलेबी,मेरे लिए भी भेज देना ।

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  8. Acchi lekhan, acchi soch, greenery balcony with gillu & yoga.....woow..... great effort ♥️♥️

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  9. Aapko bhi vijayadashmi ki hardik shubhkamnaye 🙏🙏
    Gillu ek kahani hai mahadevi verma ji ki bhutttt hi marmik aur hridya sparshi chitrar hai 👌👌

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  10. इंसान की नीयत से जानवर भी डरते हैं लेकिन जब उनको लगता है कि खतरे की कोई बात नहीं है तो धीरे-धीरे करीब आने लगते हैं, तुम सबको विजय दशमी की हार्दिक शुभकामनाएं

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  11. Beautiful ❤️❤️
    Happy dussehra

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  12. Good job👍🏻👍🏻

    Happy dussehra

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  13. Wow..... wonderful 👏👏👏👏👏

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  14. O....waoooo....Wonderful yaar .....So sweet n tumne bhut hi achcha likha h ...Keep it up😘😘😘

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  15. बहुत ही बढिय़ा

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  16. I have two thoughts after reading. The first - is that I feel like the soul grows with happiness. Your post brings such a joyful message that it's hard to put into words. Second thought - you tamed the squirrel ... just like the Little Prince tamed the fox in the book by Antoine de Saint-Exupéry. And this is where the lesson flows - that we are already responsible for something / someone we have tamed ...
    Thank you. Your topics are able to move to the level of ecstasy.

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    1. It is your good thinking that you are feeling like this. It is my pleasant feeling when this squirrel eats in front of me and I do yoga sitting in front of him. It's a really lovely scene.

      Thank you very much for appreciating this post. You understand the depth of this post.

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  17. Really so beautiful...I am speech less

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